दोस्तों हमारे देश
ने काफी तरक्की
कर ली है
ऐसे में हम
अब कंपनी के
बनाये प्रोडक्ट्स ज्यादा
खरीदने लगे हैं
क्यूंकि वह बहुत
आसानी से मिल
जाते है बस
उसकी कीमत अदा
करें और ले
आये घर पर
, मगर कभी ये
सोचा है की
इन पैक्ड प्रोडक्ट्स
को खाने से
अगर हमें कुछ
हो गया तो,
जैसे की कोई
ऐसी बिमारी जो
आजीवन के लिए
हमें जकड ले.
ऐसे में हमारे
और हमारे परिवार
के लिए काफी
मुश्किल हो सकती
है | तो आज
हम बात करेंगे
की किस तरीके
से हम कोई
भी पैकिंग प्रोडक्ट
को जांचे और
परखें|
पैकेट पर छपे
लेबल और जानकारी
को हमे हमेशा
ध्यान से पढ़
लेना चाहिए क्यूंकि
इसमें लिखे इंग्रेडिएंट्स
से यह पता
चल जाता है
की हमे कितनी
कैलोरीज मिलेगी जिससे हमारे
शरीर के मेटाबोलिज्म
पर सीधा फरक
पढता है | तो
चलिए जानते हैं
की किन चीज़ों
की मात्रा होने
से आपके शरीर
पर अच्छा असर
देखने को मिलेगा
|
प्रोटीन - भारत के
देश वासियो के
खाने में प्रोटीन
की कमी होने
के कारण यहां
के लोग जल्दी
थकान का एहसास
करते है इस
लिए अगर आपको
कोई भी ऐसा
प्रोडक्ट दिखे जिसमें
प्रोटीन ज्यादा हो तो
संकोच न करे
बस खरीद ले
|
शुगर - इसकी मात्रा
जितनी कम हो
उतना ही बेहतर
रहेगा क्यूंकि इसका
सीधा असर ब्लड
प्रेशर के मरीजों
पर पड़ता है
और शुगर के
पेशेंट्स पर भी
|
फैट - दोस्तों फैट के
बारे में अलग
धारणा बना कर
रखते है पर
फैट हमारे शरीर
के लिए कुछ
हद्द तक बेहद
ज़रूरी है क्यूंकि
वह हमारे शरीर
की संरचना का
एक हिस्से है,
परन्तु अगर हम
इसको पैक्ड चीज़ों
से लेंगे तो
इसका गलत प्रभाव
ही पड़ेगा | फैट
को आप दो
तरीकों से जान
सकते है ट्रांसफैट
और सैचुरेटेड फैट
इन दोनों की
मात्रा अगर 0. 1 ग्राम से ज्यादा
हुई तो
यह खतरे की
घंटी है |
सोडियम - हालाँकि की यह
एक ऐसा तत्व
है जिसकी हमारे शरीर को
ज़रुरत होती है,
सिर्फ और सिर्फ
2300 मिलीग्राम
से कम इससे
ज्यादा जो लोग
लेते हैं उनको
बी पी की
समस्या से गुज़रना
पड़ता है, और
अगर यह शरीर
में बढ़ता है
तो पानी को
भी रोकता है
|
ग्लूटेन फ्री प्रोडक्ट्स-
अगर किसी चीज़
पर यह लिखा
है की वह
प्रोडक्ट ग्लूटेन फ्री है
तो यह उन
लोगो के लिए
है जिनको ग्लूटेन
से एलर्जी है
मतलब यह की
उनको सीलियक बीमारी
है, और अगर
एडेड फ्लेवर उस
पर लिखा है
तो उससे दूर
ही रहे
|
यह सारी की
सारी जानकारी
आपको पैकेट के
बैक और फ्रंट
पे ज़रूर मिलेंगी
इनको पढ़ने की
आदत डाल ले
तभी आप एक
हेअल्थी शरीर पा
पाएंगे

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